रविवार, 5 फ़रवरी 2017

मुस्कान

मुस्कान

उसने हमे देखाi
मुस्कराई, थोड़ा शरमाई
और चली गयी !

आयी उनकी मुस्कराहट दौड़कर
सजी हमारे गालों पर
और जा मिली दिल से

अब जब भी वो आती
अपनी मुस्कराहट साथ लाती
जो हमारे गालों पर सजती
और दिल से जा मिलती

इतना सा था हमारा
और उनका रिश्ता
दो जाने पहचाने चेहरे   
दो अनजान लोग
दो अनजान दिल
और एक मुस्कान !!

सरकारी स्कूल अच्छे है ।

यह गाँव का आँगन है ।  ज्ञान का प्रांगण है ।  यहाँ मेलजोल है ।  लोगों का तालमेल है ।  बिना मोल है फिर भी अनमोल है ।  इधर-उधर भागता बचपन है । ...